Delhi-NCR में मैट्रो के नए रूट से सफर होगा आसान, जानें पूरा रूट
वर्तमान में नोएडा से फरीदाबाद या गुरुग्राम जाने के लिए यात्रियों को हौज खास या मंडी हाउस जाकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस नए लिंक के शुरू होने से नोएडा के यात्री सीधे कालिंदी कुंज से गोल्डन लाइन पकड़कर तुगलकाबाद पहुंच सकेंगे

Delhi-NCR के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5 के तहत तीन नए कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इस परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, गोल्डन लाइन (तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज) के विस्तार से नोएडा, फरीदाबाद और दक्षिण दिल्ली के बीच की दूरी मिनटों में सिमट जाएगी। लगभग 12,015 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से दिल्ली मेट्रो का जाल अब 500 किलोमीटर के करीब पहुंचने वाला है।
नए प्रस्ताव के अनुसार, गोल्डन लाइन को तुगलकाबाद से आगे बढ़ाकर कालिंदी कुंज तक जोड़ा जाएगा। यह 3.9 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड (Elevated) होगा। इस रूट पर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन होंगे।

वर्तमान में नोएडा से फरीदाबाद या गुरुग्राम जाने के लिए यात्रियों को हौज खास या मंडी हाउस जाकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस नए लिंक के शुरू होने से नोएडा के यात्री सीधे कालिंदी कुंज से गोल्डन लाइन पकड़कर तुगलकाबाद पहुंच सकेंगे, जिससे यात्रा का समय 30 से 40 मिनट तक कम हो जाएगा।
फेज-5 के तहत दूसरा बड़ा कॉरिडोर एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 के बीच बनेगा। यह 2.3 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर होगा। इसके बनने से गोल्डन लाइन सीधे एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से जुड़ जाएगी। दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा के लोगों के लिए अब इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचना बेहद सरल और तेज होगा।

परियोजना का तीसरा हिस्सा आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक का विस्तार है। यह 9.9 किलोमीटर लंबा रूट मैजेंटा लाइन का विस्तार होगा। इसके बनने से पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ‘कर्तव्य पथ’ (सेंट्रल विस्टा) आने वाले पर्यटकों व कर्मचारियों को मेट्रो की सीधी सुविधा मिलेगी।
फेज-5 (A) के तहत कुल 16.076 किलोमीटर का विस्तार होगा। इंटरचेंज हब: एयरोसिटी और तुगलकाबाद अब दिल्ली मेट्रो के प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों के रूप में उभरेंगे। इस विस्तार से न केवल ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि रोजाना करीब 60,000 कामकाजी लोगों और लाखों यात्रियों को सुविधा होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लक्ष्य रखा है कि इन लाइनों का काम साल 2026-27 तक पूरा कर लिया जाए।










